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नौकरी लगवाने के नाम पर ₹5,25,000 रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार



सिटी कोतवाली पुलिस ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

 गिरफ्तार आरोपी

राकेश कुमार देवांगन उर्फ दुर्गेश उर्फ गोलू उर्फ मोनू

पिता – भेखूराम देवांगन

उम्र – 35 वर्ष

स्थायी पता – ग्राम नवापारा हथबंद, तहसील सिमगा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा

वर्तमान पता – नारियल कोठी, दयालबंद, थाना सिटी कोतवाली, बिलासपुर


बिलासपुर पूरा मामला इस प्रकार है कि किशोर तिवारी (निवासी सूरजपुर, वर्तमान निवास दयालबंद बिलासपुर) ने थाना उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह वर्ष 2022 से बिलासपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान आरोपी से हुई।


आरोपी ने स्वयं को प्रभावशाली अधिकारियों से परिचित बताते हुए पहले अमीन पटवारी पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर ₹4,00,000 की मांग की, जो प्रार्थी ने UPI के माध्यम से ट्रांसफर किए। बाद में आरोपी ने केमिस्ट पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ₹1,25,000 और लिए। इस प्रकार आरोपी ने कुल ₹5,25,000 की धोखाधड़ी की।

 अपराध पंजीबद्ध

थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 83/2026 धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

 पुलिस कार्यवाही

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर)  पंकज कुमार पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस टीम द्वारा आरोपी की लगातार पतासाजी की गई और उसे दयालबंद क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।


पूछताछ में आरोपी ने फर्जी नामों से लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करना स्वीकार किया।

जांच में खुलासा

• आरोपी ने एक व्यक्ति आदर्श महंत के नाम से बैंक खाता खुलवाया

• उसकी पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम अपने पास रखकर ठगी की राशि के लेन-देन में उपयोग किया

• आरोपी द्वारा फर्जी पहचान और दस्तावेजों का उपयोग किया गया

 जप्त सामग्री

• फर्जी प्रमाण पत्र

• आधार कार्ड की प्रतियां

• बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम

•अन्य दस्तावेज

विवेचना के दौरान अपराध की प्रकृति को देखते हुए प्रकरण में धारा 338, 336(3), 340(2), 341(2) BNS जोड़ी गई। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

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