मस्तूरी। शासन की महत्वाकांक्षी 'नल-जल योजना' ग्रामीण इलाकों में लोगों को घर बैठे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी, लेकिन मस्तूरी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत केवटाडीह टांगर में यह योजना पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है। यहाँ ठेकेदार की मनमानी और लापरवाही के चलते ग्रामीण भीषण गर्मी में एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। शासन से राशि प्राप्त होने के बाद भी ठेकेदार ने अपनी मर्जी से काम को आधा-अधूरा छोड़ दिया है और गाँव की कई गलियों में अब तक पाइपलाइन भी नहीं बिछाई गई है।
सरपंच की चेतावनियों को भी किया दरकिनार
ग्राम पंचायत केवटाडीह टांगर के सरपंच ने बताया कि उनके द्वारा ठेकेदार को पंचायत में हो रहे आधे-अधूरे कार्यों को लेकर कई बार अवगत कराया गया और काम पूरा करने को कहा गया। लेकिन ठेकेदार की तानाशाही और मनमर्जी के आगे जनप्रतिनिधि की आवाज भी बेअसर साबित हुई। ठेकेदार द्वारा लगातार सरपंच और ग्रामीणों की शिकायतों को अनदेखा किया जा रहा है, जिससे विभाग के अधिकारियों की शह होने की आशंका भी जताई जा रही है।
5 मई को 'सुशासन तिहार' में उग्र आंदोलन की तैयारी
गाँव में पानी के इस गंभीर संकट और प्रशासन की सुस्ती को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब सातवें आसमान पर है। हाल ही में आगामी 5 मई 2026 को ग्राम पंचायत केवटाडीह में 'सुशासन तिहार एवं जन समस्या निवारण शिविर' का आयोजन होना तय हुआ है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस शिविर से पहले उनकी पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे शिविर के दौरान उग्र आंदोलन और उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

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