जांजगीर चांपा/अकलतरा–पूरामामला मुलमुला थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम नरीयारा निवासी ग्रामीण पत्रकार राकेश साहू का है,पत्रकार के ऊपर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को पुलिस द्वारा मामूली धारा लगाकर न्यायालय में पेश किया गया नगर न्यायालय द्वारा उसे जमानत दे दिया गया यह कैसी परंपरा है कि एक पत्रकार के ऊपर हमला हुआ वहीं दूसरी तरफ मजिस्ट्रेट के द्वारा जमानत दे दिया गया यह सब ऐसा लगता है ,कि पुलिस द्वारा धारा परिवर्तन किया गया है,इसके अंतर्गत जमानत तत्काल दे दिया गया इससे पत्रकार एवं प्रार्थी राकेश कुमार साहू के द्वारा संबंधित थाना के जांच से संतुष्ट न होकर कार्यालय पुलिस अधीक्षक कार्यालय कलेक्टर जांजगीर चंपा को एक ज्ञापन दिया गया है, ज्ञापन में यह निवेदन किया गया है कि वह निम्न अनुसार है।
13 अप्रैल को पत्रकार राकेश कुमार साहू अपने घर से रात्रि 10:30 में खाना खाकर घूमने के लिए निकला हुआ था इसी दौरान गांव के ही सूर्यकांत साहू पिता राजेंद्र प्रसाद साहू असामाजिक तत्व प्रवृत्ति का आदमी के द्वारा पत्रकार राकेश कुमार साहू के ऊपर हमला करते हुए लाठी डंडे से तवा तोड़ हमला कर दिया हमले के दौरान पत्रकार के सर पर गहरी चोट लगी एवं खून से लथफत होकर जान बचाकर अपनी घर की ओर गया और वहां से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना इलाज करवाने के पश्चात दूसरे दिन पुलिस थाना मूलमुला थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने गया तो आरोपी के विरुद्ध धारा लगाई गई 296 एवं 115 के तहत अपराध को पंजीबद्ध कर दिया गया और विवेचना करने के पक्ष में विवेचना अधिकारी के द्वारा पत्रकार को 20 तारीख को बुलाया गया और यह कहकर उसे आवेदन लिया गया कि पत्रकार आपके सर से खून बहा है, इसलिए हम गैर जमानती धारा लगाते हुए आरोपी को जेल भेजने का धारा लगवाएंगे लगाएंगे कहकर एक आवेदन पर हस्ताक्षर लिया उसके बाद में मुजरिम को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जमानत दे दिया गया।
जबकि पत्रकार राकेश कुमार साहू का सर का मेडिकल रिपोर्ट जमा होने के बावजूद भी मेडिकल को न्यायालय द्वारा नजरअंदाज करते हुए अभियुक्त को जमानत दे दिया ऐसा लगता है, कि पुलिस द्वारा विवेचना में गड़बड़ी की गई है, गड़बड़ी करने के पश्चात जल्दबाजी में एवं कार्य में लापरवाही की वजह से विवेचना कार्य पूर्ण नहीं करने के पश्चात भी अपूर्ण स्थिति में चालान प्रस्तुत कर अभियुक्त को जमानत होने में सहयोग प्रदान किया गया है।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को एवं सच के आईना को कुचलना का प्रथम कार्य पुलिस विभाग का होता है पुलिस थाना होता है उसके बाद में अन्य होता है इसी तरह से एक सफल पत्रकार के ऊपर जो हमला हुआ है उसका पत्रकार को कुचला गया है चौथा स्तंभ को कुचला गया है ऐसे में कानून पर से विश्वास उठता जा रहा है एवं पत्रकार भी सुरक्षित नहीं नजर आ रहा है।
इस तरह से अन्य स्थानों में भी जैसे सूरजपुर अंबिकापुर एवं जगदलपुर एवं न जाने छत्तीसगढ़ एवं पूरे भारत देश में पत्रकार की हत्या कर दी जा रही है आप मर्डर किया जा रहा है इसके विरुद्ध में शासन के द्वारा अनुशासनात्मक दंडात्मक एवं उचित कानूनी कार्यवाही नहीं करते हुए संबंधित आरोपी गण एवं अभियुक्त को शासन प्रशासन के द्वारा सहयोग किया जा रहा है ऐसा लगता है ऐसी स्थिति में पत्रकार सुरक्षित नहीं है पुलिस प्रशासन के ऊपर राजनीति करने वाले राजनेताओं का ही बोलबाला है जिसकी वजह से आम जनता का भी विश्वास उठने लगा है पुलिस प्रशासन के कार्य प्रणाली को देखते हुए।
पत्रकार राकेश कुमार साहू के द्वारा संबंधित पुलिस अधीक्षक कार्यालय को जो ज्ञापन दिया गया है एवं कलेक्टर को जो दिया गया है, आवेदन आवेदन में लिखा गया है निष्पक्ष जांच कराई जाए अन्यथा पत्रकार के ऊपर हमला करने वालों के विरुद्ध पुनः गिरफ्तार किया जाए अगर गिरफ्तारी नहीं होती है तो पत्रकार राकेश कुमार साहू धरना प्रदर्शन जारी रखेगा।

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