जांजगीर चाम्पा के ग्राम पीथमपुर का मामला..ग्राम पंचायत पीथमपुर में अनिल साहू पिता दूजराम साहू पर आरोप है कि वे नदी से अवैध रूप से रेत निकालकर ट्रैक्टर में भरते हैं और साहू समाज भवन के सामने बड़े पैमाने पर स्टॉक करते हैं। CG 11- BG 6986 हाईवे पर जेसीबी से दिन-रात तीन से चार हाईवा रेत भेजे जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे गांव में भय का माहौल बना हुआ है..
शासन-प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी रेत का यह अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। ग्रामीणों ने बताया कि अवैध कमाई के बल पर अनिल साहू गांव में रौब जमाते हैं और लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं..
ग्रामीणों ने कलेक्टर व पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि गांव में शांति और कानून व्यवस्था कायम रह सके..
जांजगीर से लगे ग्राम पंचायत पीथमपुर मे रेत माफियाओ का हौसला फिर से बुलंद हो गया हैँ..
हसदेव नदी का सीना छल्लनी कर अवैध रेत खनन दिन रात रेत खनन किया जा रहा हैँ..
कभी रात मे तो कभी दिन मे मशीनों के द्वारा रेत लोडिंग कर ट्रैक्टर और हाइवा से निकालकर ऊंचे दामों मे बेचा जा रहा हैँ..
जिससे नदी को खोखला कर गड्ढे मे तब्दील कर दिया जा रहा हैं..
सरकारी राजस्व एवं शासकीय संपत्ति को चुना लगाते हुए रेत माफिया ट्रैकटर- हाइवा मे रेत भरकर बेखौफ़ निकल रहे हैं..
अब देखना ये हैं की राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कब तक आँखे बंद कर के सो रहे हैं और माफियाओ पर कब लगाम कैसेगी..!
छत्तीसगढ़ में महानदी से भी एवं सभी नदियों से रेत का खनन किया जा रहा है जिस पर राज्य शासन का हस्तक्षेप नहीं है और अगर हस्तक्षेप है तो कमीशन के आधार पर छोड़ दिया जाता है माफिया राज को क्योंकि रेत माफिया मैं राजनीति आक्रमण कर चुका है उदाहरण स्वरूप एवं हकीकत कहानी यह है कि जांजगीर चांपा जिले के पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक शेशराज हरबंस का रेत माफिया सरगना से संबंध है जिसके चलते बड़े-बड़े अधिकारी कर्मचारी भी माफिया राज कर रहे हैं अवैध रेत उत्खनन के मामले में जिसका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें कहा गया था विधायक के द्वारा कलेक्टर एसडीएम एवं अन्य अधिकारी के कमीशन के संबंध में जिस पर लीपा पोती कर मामला को रफा दफा कर दिया गया इस तरह से माफिया राज चल रहा है।
इस संबंध में जब पत्रकार जब कवरेज करने जाता है तो पत्रकार को भी जाम से मारने की धमकी दी जाती है और उसके विरुद्ध में माफिया के खिलाफ में शिकायत दर्ज करने के लिए पत्रकार जाता है तो उसकी शिकायत नहीं लिखना बल्कि माफिया राज की पक्ष में पुलिस विभाग एवं जिला प्रशासन सहयोग प्रदान करता है पत्रकार के पक्ष में सहयोग नहीं करता ।
इस तरह से छत्तीसगढ़ राज्य में माफिया राज राज कर रहा है क्योंकि छोटा अधिकारी से लेकर बड़े अधिकारी छोटे नेता से लेकर बड़े नेता तक भ्रष्टाचार का कार्यक्रम को चरम सीमा पर लेकर कार्य कर रहे हैं और मदमस्त होकर राज कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा गया है मगर अब छत्तीसगढ़ को रेत का कटोरा कहा जाता है इसलिए की रेत का अवैध कारोबार संचालित है धन अब कम होने लग गया है पैदावार रेत का पैदावार सबसे अधिक है क्योंकि उसमें ज्यादा कमीशन मिलता है इसलिए अधिकारी मौन व्रत धारण कर यवाही नहीं करते दलाल मस्त रहता है इसलिए अवैध कारोबार पनप रहा है।
हमारे संवाददाता कहते हैं कि इस तरह का कारोबार छत्तीसगढ़ राज्य में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण रेत का माफिया राज चल रहा है।

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