बिलासपुर मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में हुई भीषण आगजनी की घटना में दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे हत्या का मामला बताया है। संगठन का कहना है कि यह हादसा नहीं, बल्कि फैक्ट्री प्रबंधन और प्लांट प्रबंधक की घोर लापरवाही का परिणाम है।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। फैक्ट्री परिसर में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, न ही आपातकालीन निकास की व्यवस्था थी। इसके बावजूद मजदूरों से जोखिम भरे हालात में काम कराया जा रहा था, जिसके कारण यह भयावह घटना घटी और दो निर्दोष मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
इसी संबंध में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि फैक्ट्री मालिक और प्लांट प्रबंधक के खिलाफ हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार देने की भी मांग की गई।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र और कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना मजदूर हित में आंदोलन करने को बाध्य होगी।

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