पचपेड़ी धान खरीदी के निर्धारित समय नजदीक आते ही पचपेड़ी क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के अधिकांश धान खरीदी केंद्रों में अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। न खरीदी केंद्रों में कर्मचारियों की मौजूदगी दिखाई दे रही है और न ही तुलाई सहित अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं।
किसानों का कहना है कि प्रशासन की धीमी तैयारी के कारण उन्हें संशय है कि खरीदी में देरी न हो जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसान अपनी फसल बेचने के लिए तैयारी कर रहे हैं, लेकिन केंद्रों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
कुटी में भी सन्नाटा, किसान परेशान
धान खरीदी केंद्रों की कुटी में भी कोई गतिविधि नहीं देखी गई। न किसानों का पंजीकरण सत्यापन का कार्य हो रहा है और न ही किसी प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इन केंद्रों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब
लोहरसी, चिल्हाटी, जोंधरा, जैतपुरी, भटचौड़ा, बहतरा, कुकुरदी कला और भरारी सहित पचपेड़ी क्षेत्र के सभी प्रमुख धान खरीदी केंद्रों में तैयारियां अधूरी पाई गईं। इन केंद्रों पर तुलाई मशीन, बोरे, कर्मचारियों की तैनाती, और रिकॉर्ड अपडेट जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव है।
किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही तैयारियां नहीं की गईं, तो धान खरीदी की प्रक्रिया में देरी से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। स्थानीय किसान संगठनों ने प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

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