बसंतपुर/ पचपेड़ी, शाम भुईगांव और बसंतपुर पुल के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई जब भुईगांव निवासी सनत कुमार यादव के पिता की अस्थि विसर्जन के लिए रखी गई मटकी को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा तोड़े जाने की घटना से आहत होकर सनत यादव के परिवारजन और गांव के कुछ लोगों ने समूह बनाकर राहगीरों पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना 12 नवम्बर की शाम 6 से 8 बजे के बीच हुई। लाठी, टांड़ और अन्य हथियारों से लैस समूह ने नदी किनारे खड़े होकर आने-जाने वालों पर हमला किया। इस दौरान करीब 10 से अधिक गाड़ियों के लाइट फोड़ दिए गए। जान बचाने के लिए कई राहगीरों ने अपनी मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर भागना पड़ा।
हमले में बसंतपुर निवासी एक किसान प्रेम पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके हाथ में फ्रैक्चर आया है। वहीं संजय केवट के चेहरे में गंभीर चोट आई है। इसके अलावा मुकुंदपुर और अमलडीहा से गुजर रहे कई राहगीरों को भी चोटें आई हैं और उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की घटनाओं के पीछे भुईगांव क्षेत्र में चल रहे अवैध कच्ची शराब कारोबार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है चूंकि घटना के बाद देर रात तक शराब के अवैध कारोबार को सह देने वाले और शराबियों के द्वारा झुंड बनाकर पथराव किया भी किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि भुईगांव और आसपास के क्षेत्रों में देर रात तक “चखना सेंटर” के नाम पर शराब बिक्री जारी रहती है। इसके अलावा कमरिद डेरा से 30 किलोमीटर के दायरे में कच्ची शराब की सप्लाई की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह अवैध कारोबार कई थानों की “मिलीभगत” से फल-फूल रहा है।
घटना के दौरान जब स्थिति बलवा जैसी हो गई, तब स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पामगढ़ और पचपेड़ी थाना तथा 112 पर बार-बार कॉल किया, परंतु पुलिस मौके पर देर तक नहीं पहुंची। अंततः घायल लोगों को ग्रामीणों और सरपंच प्रतिनिधि की मदद से निजी वाहनों से मस्तुरी अस्पताल पहुंचाया गया। देर रात लगभग 12 बजे तक पचपेड़ी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की गंभीर जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए।

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