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सर्व छत्तीसगढ़िया समाज विशेष बैठक दिनांक 19/11/25 कुर्मी छात्रावास भवन तात्यापारा रायपुर



मस्तूरी–वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रदेश में सामाजिक समरसता के प्रति सामाजिक जुड़ाव के उद्देश्य से सर्व छत्तीसगढ़िया समाज का बैठक आयोजित किया गया है । छत्तीसगढ़ की अस्मिता को खतरा पैदा करने वाले तत्वों पर रोक लगाने भी यह बैठक आहूत की गई । 


वैसे तो छत्तीसगढ़ राज्य को भूगोल में शामिल हुवे 25 वर्ष ही हुवे हैं लेकिन छत्तीसगढ़ अनादि काल से इस धरती पर विद्यमान है । विशाल सांस्कृतिक इतिहास को अपने में समेटे हुवे छत्तीसगढ़ राज्य आज अपनी अस्मिता को खोते जा रहा है । 


जिस प्रकार से छत्तीसगढ़ की नदि घाटों , तालाबो, चौक चौराहों का नाम बदला जा रहा है , पुरखों का अपमान किया जा रहा है तीन करोड़ छत्तीसगढ़ वासियों की भावना छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ो जा रही है अपशब्द बोलकर अपमानित किया जा रहा है । छत्तीसगढ़ी भाषा को दोयम दर्जे में रखा गया है । देवता धामी तक का नाम बदला जा रहा है । इन सभी घटनाओं कृत्यों से छत्तीसगढ़िया समाज में जन आक्रोश की भावना भड़क रही है । 


उदाहरण के लिए बसना में वर्ष 2017 में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा को तोड़कर नगर पालिका की गाड़ी में फिकवा दिया गया था उस समय संपत अग्रवाल नगर पालिका अध्यक्ष थे उनके खिलाफ सर्व छत्तीसगढ़िया समाज ने तहसीलदार को कार्यवाही करने ज्ञापन दिया था किंतु कार्यवाही नहीं की गई । 



संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास के छायाचित्र को एबीवीपी संगठन द्वारा शौचालयों एवं कचरा पेटी में चिपकाया गया था जिस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई । 

जोगी गुफा में जैतखाम को तोड़ दिया गया । डॉ ख़ुबचंद बघेल की मूर्ति में कालिख पोत दी गई । स्व अजीत जोगी जी की मूर्ति तोड़ दी गई । और वर्तमान में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ी गई । इन सभी घटनाओं ने सर्व छत्तीसगढ़िया समाज की भावनाएं आहत हुई । 



लगातार नाम बदले जा रहे हैं तेलीबाँधा तरिया का नाम मरीन ड्राइव करना , बूढ़ा तरिया का नाम विवेकानंद सरोवर करना , कोटरा तरिया (कटोरा तालाब) का नाम संत झूलेलाल सरोवर करना , बिलई माता मंदिर का नाम विंध्यवासिनी करना , बमलाई दाई का नाम श्री 1008 बम्लेश्वरी माता करना , शीतला तरिया का नाम छठ सरोवर करना , खारूँन महतारी आरती को गंगा आरती नाम देना , राजिम माँघी पुन्नी मेला को कल्प कुंभ नामकरण कर दिया , अरपा घाट को छठ घाट नाम दे दिया गया । 


सिंधी भाषा अकादमी , उर्दू भाषा अकादमी तो खोल दिया गया लेकिन राज्य की सबसे महत्वपूर्ण भाषा छत्तीसगढ़ी के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है । नई शिक्षा नीति में मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा देने की नीति है लेकिन छत्तीसगढ़ी को एक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा जबकि पढ़ाई का माध्यम छत्तीसगढ़ी होना चाहिए ।


सर्व छत्तीसगढ़िया समाज ने निर्णय लिया है कि छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ी और छत्तीसगढ़िया अस्मिता को बचाने 5 दिसंबर को महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौपा जाएगा । और पूरे प्रदेशभर में गाँव गाँव से छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान यात्रा निकाला जाएगा । छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान यात्रा के लिए संयुक्त संयोजक समिति का गठन किया गया एवं अमित बघेल के ख़िलाफ़ दर्ज दुर्भावनापूर्ण FIR को निरस्त करने आम सहमति बनाई गई । 


बैठक में उपस्थित सर्व छत्तीसगढ़िया समाज के प्रमुख:- श्री सुन्दर लाल लहरे सतनामी समाज, डॉ उदयभान सिंह चौहान सर्व सामाजिक समन्वय समिति, गंगाधर लोधी छत्तीसगढ़ लोधी समाज,नरेश लदेर अध्यक्ष मेहर समाज, राकेश मेहरा,सनतयदु, रमेश यादव जी, अनुराग अग्रवाल अध्यक्ष छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज, मोरध्वज चन्द्राकार महामंत्री कुर्मी समाज, श्याम बैस जी गायत्री परिवार प्रमुख, लक्ष्मण भारती,अजाक्स प्रमुख, जागेश्वर वर्मा जी राजप्रधान , श्री पूरनलाल साहू प्रमुख छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच,श्री गिरधर साहू जी, धीरेन्द्र साहू, राज साहू फिल्मकार, चंदशेखर चकोर निदेशक , साहित्यकार, श्री सुबोध देव छत्तीसगढ़ी समाज, श्री अमित हटवार तेली समाज,सेवेन्द्र तारक धीवर समाज, डॉ सी एल सोनवानी सतनामी समाज,दाऊराम चंद्रा, प्रदीप साहू, जीवन महराज, कबीरहा, योगेश सेन ऊषा श्रीवास सेन समाज, श्री मति सरिता बघेल प्रदेशाध्यक्ष मनवा समाज, प्रहलाद धीवर, कंचन दास मानिकपुरी समाज, आशीष यादव राऊत समाज, लक्ष्मी नाग गाड़ा समाज, संजीव साहू राज भाषा मंच, देवेन्द्र नेताम, आदिवासी मुखिया, विनोद नागवंशी गोड़वाना महासभा, निखिल निर्मल कर धोबी समाज,आर सी रजक,जगतराम विश्वकर्मा बढ़ी समाज, दिलीप टिकरिहा, ललित साहू महासचिव छत्तीसगढ़िया वाणिज्य व्यापार संघ, जैनेन्द्र कुर्रे, सुरेंद्र राठौर कोरबा,निखील देवान धमतरी,अजय चंद्राकर युवा मित्र मंडल अध्यक्ष भिलाई,माखन चंद्रवंशी, डॉ देवेश वर्मा, रविन्द्र पटेल वाडफनगन अध्यक्ष, पुरूषोत्तम चंद्राकर, श्री विष्णु बघेल जी पिछड़ा समाज संगठन, पुनाराम सिन्हा कलार समाज ।

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